स्टॉक एक्सचेंज का महत्व_स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका क्या है?_Purpose of Stock Exchange.

स्टॉक एक्सचेंज का महत्व | स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका क्या है? | Purpose of Stock Exchange.

स्टॉक एक्सचेंज का महत्व: देश में स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है. किसी भी अर्थव्यवस्था में पूंजी का प्रवाह (Capital Flow) इन स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ही अधिकांशतया होता है।

स्टॉक एक्सचेंज के कार्य:

पूंजी निर्माण (Capital Formation)

शेयर बाजार में आम जनता निवेश कर देश में काम कर रहे हैं। कंपनियों के लिए एक बड़ी पूंजी की व्यवस्था करती है। शेयर बाजार से प्राप्त पूंजी का उपयोग कंपनियां अपनी व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम हो पाती है। स्टॉक एक्सचेंज कंपनियों के लिये पैसा जुटाने के लिये मंच प्रदान करते है।

सेंट्रलाइज्ड मार्केट (Centralized Market)

स्टॉक एक्सचेंज एक सेंट्रलाइज मार्केटप्लेस के रूप में कार्य करती है और कंपनियों वह निवेशकों के बीच एक मध्यस्थ का काम करती है। कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड होकर अपने शेयर जारी करती है और निवेशक उनके शेयरों पर निवेश करते हैं। स्टॉक एक्सचेंज में हमेशा शेयरों की उपलब्धता और तरलता बनी रहती है, जिससे निवेशक आसानी से शेयर्स की ट्रेडिंग करते है।

पारदर्शिता (Transparency)

स्टॉक एक्सचेंज पूंजी प्रवाह की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती है जिससे आम जनता या निवेशकों को कंपनियों पर पैसे लगाने में सहायता मिलती है और एक विश्वास बनता है। स्टॉक एक्सचेंज से निवेशकों को ट्रेडिंग की प्रत्येक सूचना मिलती है। निवेशकों के ईमेल और फ़ोन पर ट्रेडिंग का ब्यौरा दिया जाता है। इस संदर्भ में स्टॉक एक्सचेंज से ब्रोकरों को भी दिशा-निर्देश जारी किये जाते है।

लिक्विडिटी (Liquidity)

स्टॉक एक्सचेंज का महत्व इस रूप में भी है कि, वह इन्वेस्टर्स को सेक्युरिटीज़ के व्यापार के लिये लिक्विडिटी अर्थात् तरलता प्रदान करता है। लिक्विडिटी के कारण सेक्युरिटीज़ को तुरंत और आसानी से बेचा जा-सकता है।

बचत को निवेश में बदलना (Convert Savings into Investments)

स्टॉक एक्सचेंज एक तरफ जहाँ कंपनियों को शेयरों के माध्यम से पूंजी जुटाने का अवसर उपलब्ध करवाती है तो वहीं दूसरी तरफ देश की आम जनता की बचत (जो कि, फाइनेंसियल प्लानिंग का हिस्सा है) को निवेश में बदलने का एक अच्छा माध्यम भी उपलब्ध कराते है। स्टॉक एक्सचेंज अर्थव्यवस्था के विकास (GDP Growth) को आगे बढ़ाने का प्रयास करते है।

नियंत्रण (Control)

स्टॉक एक्सचेंज के कार्य सेबी के दिशा-निर्देशों और निगरानी पर होते है। सेबी का नियंत्रण पूरे कैपिटल मार्केट पर है। स्टॉक एक्सचेंज  निवेशकों, कंपनियों, ब्रोकरों और सेबी इन सब के केंद्र में होता है।

इस प्रकार देश के आर्थिक विकास के लिए ज़रूरी पूंजी निर्माण को बनाने और बढ़ाने के प्रयास में स्टॉक एक्सचेंज का महत्व बहुत अधिक है। स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से कंपनियां अपने लिए फण्ड जुटा पाती है।

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