म्यूचुअल फंड प्रकार Types of mutual funds in hindi

म्यूचुअल फंड प्रकार Types of mutual funds in hindi

म्यूचुअल फंड के प्रकार (Types of mutual funds in hindi): म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले प्रत्येक निवेशक को बाजार में उपलब्ध म्यूचुअल फंड के प्रकारों को जानना चाहिए। हर एक म्यूचुअल फंड प्लान एक अलग Investment Strategy को अपनाया करती है। जैसे ये म्यूचुअल फंड के प्रकार हैं: गिल्ट फंड, इक्विटी फंड, बैलेंस्ड स्कीम,डेट फंड, सेक्टर फंड, इंडेक्स फंड, एमआईपी (मंथली इनकम प्लान), मनी मार्केट फंड, ईटीएफ आदि।

इक्विटी फंड: Equity fund

इस फंड में मुख्य रूप से कंपनियों के इक्विटी शेयरों में निवेश किया जाता है। इस प्रकार का फंड में उच्च जोखिम होता है और इसलिए रिटर्न में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है। इस फण्ड में केवल शेयरों में निवेश किया जाता है, इसलिए यह डेट फंडों की तुलना में ज्यादा जोखिम भरा है। इक्विटी फंड का रिटर्न उस कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा, जिसमें यह निवेश किया गया है। विभिन्न मापदंडों के आधार पर कई प्रकार की इक्विटी योजनाएं हैं:

  • लार्ज कैप फंड / ब्लू चिप फंड – बड़े कंपनी के शेयरों में निवेश करते हैं।
  • मिड कैप / स्माल कैप फंड – मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स को थोड़ा जोखिम भरा माना जाता है क्योंकि छोटी कंपनियों के कारोबार में जोखिम बहुत ज्यादा होता है। इसके उलट वे मल्टी बैगर रिटर्न भी दे सकते हैं क्योंकि छोटी कंपनियां सफल होने पर, अच्छा ग्रोथ कर सकती हैं।

इंडेक्स फंड: Index fund

इंडेक्स फंड एनएसई निफ्टी या बीएसई सेंसेक्स जैसे प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक को ट्रैक करते हैं। इंडेक्स फंड में केवल उन शेयरों में निवेश होता है जो इंडिजुअल स्टॉक के भार के अनुसार बाजार सूचकांक बनाते हैं।

सेक्टर फंड: Sector fund

ये फंड इक्विटी फंडों में सर्वाधिक जोखिम वाले होते हैं, क्योंकि ये केवल विशिष्ट क्षेत्रों या उद्योगों में निवेश करते हैं। सेक्टर फंडों का प्रदर्शन विशिष्ट क्षेत्रों या उद्योगों की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस प्रकार के सेक्टर फंड से रिटर्न को अधिकतम किया जाता हैं, जब सेक्टर में उछाल की उम्मीद होती है और गिरने से पहले ही इसे निकाल लिया जाता है। इन फंडों निवेश तब फायदेमंद है जब आप वास्तव में इस क्षेत्र और इसके रुझानों को समझते है।

डेट फंड: Debt fund

डेट फंड को विभिन्न डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे बांड, डिबेंचर, कमर्शियल पेपर (CPs), सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec),  डिपॉजिट सर्टिफिकेट (CDs) और अन्य इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। यह बैंक एफडी के सामान मिलने वाले रिटर्न जैसा है। अवधि  आधार पर शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म डेट फंड होते हैं। डेट फंडका प्रदर्शन fiscal deficit, depreciation और inflation जैसे अर्थव्यवस्था के कारकों पर निर्भर करती है।

मनी मार्केट फंड (MMFs):

यह कम जोखिम वाला है और कम रिटर्न वाला निवेश जो तुरंत तरलता प्रदान करता है। इन्हें लिक्विड फंड भी कहा जाता है। यह फंड डेट स्कीम हैं जो 1 साल से कम के मैच्योरिटी वाले कमर्शियल पेपर, डिपॉजिट सर्टिफिकेट (सीडी), इंटरबैंक कॉल मनी मार्केट और शॉर्ट टर्म सिक्योरिटीज में निवेश करती हैं। मनी मार्केट फंड का उद्देश्य एक सामान्य प्रतिफल देते हुए मूल-धन को संरक्षित करना है।

गिल्ट फंड्स: Gilt fund

यह वह डेट फंड है, जिसे केवल सरकारी प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों में निवेश किया जाता है।इसे लंबी अवधि के निवेश की ओर अधिक ध्यान दिया जाता है। गिल्ट फंड्स को आमतौर पर कॉरपोरेट बॉन्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है।

मासिक आय योजना (MIS):

MIS ऋण योजना है जो स्कीम की वापसी को बढ़ावा देने के लिए इक्विटी में Marginal Amount (10% – 25%) का निवेश करती है। MIS फंड पारंपरिक लॉन्ग टर्म डेट स्कीम की तुलना में थोड़ा अधिक रिटर्न देगा।

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF):

ETF ऐसे फंडों को रेगुलर शेयरों की तरह बाजार में बेचा जाता है। इसमें आपको एक्जिट लोड का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आप नियमित स्टॉक की तरह ब्रोकरेज का भुगतान करना होता हैं। ETF Underlying Assets जैसे निफ्टी (इंडेक्स), गोल्ड और इतने पर आधारित हैं। ETF से इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते हैं, जो कि नियमित फंड से संभव नहीं है।

बैलेंस्ड फंड / हाइब्रिड फंड: Hybrid fund

हाइब्रिड फंड एक मध्यम जोखिम के साथ उचित रिटर्न देता है। हाइब्रिड फंड उद्देश्य debt market में हिस्सेदारी के साथ शेयरों में निवेश के जोखिम को कम करना है। हाइब्रिड फंड शेयर और निश्चित इनकम इंस्ट्रूमेंट्स दोनों में एक ऐसे अनुपात में निवेश करती है जो पोर्टफोलियो को संतुलित करती है।

हम आशा करते है कि, आपको म्यूचुअल फंड प्रकार (Types of mutual funds in hindi) और ऐसे ही अन्य शंकाओं व प्रश्नों का उत्तर मिला होगा। बाजार के विस्तार के साथ-साथ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का भी विकास होता गया है और म्यूचुअल फंड प्रकार भी बढ़ते गए है। म्यूचुअल फंड के प्रकार या इस संदर्भ में आपके और कोई प्रश्न हो तो कृपया Comment Box में लिखें। आपके सवालों का जवाब देने का हम प्रयास करेंगे।

 

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