शेयर मार्केट कैसे सीखे Share Market kaise sikhe

शेयर मार्केट कैसे सीखे Share Market kaise sikhe

शेयर मार्केट कैसे सीखे (Share Market kaise sikhe): डियर फ्रेंड्स, शेयर मार्केट के हर एक निवेशकों के मन में शेयर मार्केट को देकर पहली बारी एक ही प्रश्न हमेशा सामने आता है कि, शेयर मार्केट कैसे सीखे? या  शेयर मार्केट कैसे स्टार्ट करें?

फ्रेंड्स इस प्रश्न के साथ ही आपकी शेयर मार्केट के क्षेत्र में शुरुआत हो जाती है। यह प्रश्न शेयर मार्केट को लेकर आपकी आपकी रूचि और गंभीरता दर्शाता है और इसके साथ ही आप शेयर मार्केट के अगले स्टेज में पहुंचने के लिए तैयार होती है।

अगले स्टेज का मतलब शेयर मार्केट को लेकर आपके संयम,समझ और रणनीति को तैयार करना है। इसी संयम, समझ और रणनीति के साथ आप शेयर मार्केट में सफलता की उड़ान को पा-सकते हैं।

जी हां! शेयर मार्केट का हर एक निवेशक चाहे वह नया हो या पुराना उसकी हमेशा यही इच्छा होती है कि, वह शेयर मार्केट से बहुत बड़ा मुनाफा कमाए। लेकिन अधिकांश निवेशकों के साथ इन बातों में से किसी न किसी की कमी रह जाती है और वे मार्केट से बेहतर रिटर्न नहीं ले पाते। इसलिए आपको हमेशा तीन बातों को ध्यान में रखना होता है।

संयम,समझ और रणनीति:

संयम– शेयर मार्केट में संयम या धैर्य रखना होता है। आपको हर स्थिति के लिए हमेशा धैर्य रखना पड़ता है। आप बार-बार अपने डिसीजन नहीं बदल सकते हैं।

समझ– फ्रेंड्स शेयर मार्केट के मामले में हर एक निवेशक पर लागू होने वाली बात है वह है शेयर मार्केट पर अपनी समझ को हमेशा विकसित करते रहना है, बढ़ाते रहना है। आप चाहे कितने भी अनुभवी है आपको हमेशा शेयर मार्केट पर अपनी समझ को विकसित करते रहना पड़ता है और हर बार आप नया सीखते जाते हैं।

रणनीति– तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण शेयर मार्केट के लिए जो बात लागू होती है वह है रणनीति। आप अपने निवेश की क्या रणनीति अपनाते हैं और आपकी रणनीति का आधार क्या है? यह सभी बातें आपको शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए तैयार करती हैं।

शेयर मार्केट कैसे सीखे – इस प्रश्न को इन तीन बातों के सार से समझा जा-सकता है। शेयर मार्केट मैं पैसे कमाने के लिए जितने अवसर हैं, उतने ही इसमें जोखिम है। शेयर मार्केट में कोई शॉर्टकट तरीका नहीं होता।

संयम, समझ और रणनीति शेयर मार्केट के हर एक निवेशक के लिए अनिवार्य बातें होती हैं। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण बातों को भी एक नए निवेशक को शेयर मार्केट में निवेश करते समय ध्यान में रखनी होती है।अनुभवों के साथ-साथ शेयर मार्केट की अन्य जानकारियां आगे में मिलती जाती है।

विचार मंथन –

आप शेयर मार्केट से अच्छे रिटर्न तब बना पाते हैं जब आप उन कंपनियों के बिजनेस और परफॉर्मेंस के बारे में एक बेहतर स्टडी करते हैं। कंपनियों के बारे में अध्ययन और उसके बाद विचार मंथन करने से आप शेयर मार्केट में एक बेहतर रिटर्न लेने के अवसर को प्राप्त कर सकते हैं।

देखा-देखी से बचना –

इसका मतलब आपको उन गलतियों से परहेज करना है जो अक्सर लोग करते हैं। हम लोगों की बातों को सुनकर बेकार कंपनियों पर पैसा लगा देते हैं जिन पर हमें लाभ होने की संभावना नाममात्र भी नहीं है और इस तरह से हम अपने पैसे शेयर बाजार डूबा देते हैं।

मॉनिटरिंग (Monitoring)

आपका काम शेयर खरीद कर रख लेने से ही पूरा नहीं हो जाता है, बल्कि आपको शेयर मार्केट से संबंधित सभी खबरों और संबंधित कंपनी जिसके शेयर खरीदें हैं उन सभी पर हमेशा आपको मॉनिटरिंग करते रहना चाहिए क्योंकि इन सभी बातों का प्रभाव शेयर्स की कीमतों पर पड़ता है।

एक्स्ट्रा फंड (Extra Fund)

आप शेयर मार्केट में उस फंड का निवेश करें जिसकी जरूरत आपको छोटी अवधि में या कुछ वर्षों तक नहीं है, क्योंकि शेयर मार्केट जहां बड़ा लाभ देने की क्षमता रखता है वहीं इसके साथ अनिश्चिता भी जुड़ी होती है। मार्केट साइकिल (market cycle) अप एंड डाउन होने के कारण आप इसकी स्टेबिलिटी को स्पष्ट नहीं कर सकते हैं।

शेयर वर्सेस बिजनेस (Share vs Business)

आप जब भी निवेश करें आपको हमेशा कंपनी के बिजनेस को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए। कहने का मतलब यह है कि, आप शेयर की कीमतों पर निवेश न करें बल्कि कंपनी के बिजनेस और उसके परफॉर्मेंस को ध्यान में रखकर निवेश करें।

स्टेबिलिटी (Stability)

एक निवेशक को हमेशा रियालिटी में होना चाहिए। शेयर बाजार का हर एक निवेशक बहुत जल्दी पैसा बनाना चाहता है, लेकिन बाजार में रिटर्न धीरे-धीरे ही बनते और इसके लिए आपको हमेशा संयम रखना होता है। इसलिए अपने डिसीजन में स्टेबिलिटी को बनाए रखना एक सफल निवेशक के लिए जरूरी होता है।

डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो (Diversified Portfolio)

आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई बनाकर रखें जिससे आपका पोर्टफोलियो मार्केट के उतार-चढ़ाव में भी संतुलित रहे।

अनुशासित रहे

शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव आपक को काफी विचलित करते हैं और उसके बाद आप अपना अनुशासन या संयम को खो देते हैं। इसका परिणाम आपके निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ता है। इसलिए आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना होता है कि, अगली रणनीति कैसी होगी?

जोखिम प्रबंधन (Risk Management)

शेयर मार्केट में सफल निवेशक बनने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात जिस पर हमेशा जोर दिया जाता है वह है, निवेशक का जोखिम प्रबंधन। आपको हमेशा अपनी जोखिम वहन करने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए और उसी के अनुसार अपने निवेश की रणनीति को तैयार चाहिए।

अगर आप शेयर मार्केट में बिल्कुल नए है तो आप बेसिक चीजों जैसे: शेयर्स, स्टॉक एक्सचेंज, BSE, NSE, SEBI, मार्केट टर्मिनॉलजी (बाजार के लिए बोली जाने वाली शब्दावलियाँ), शेयर ट्रेडिंग, ट्रेडिंग टाइप्स, शेयर इन्वेस्टिंग, डेरिवेटिव्स (वायदा बाजार), रिपोर्ट रीडिंग, फंडामेंटल एनालिसिस, टेक्निकल एनालिसिस, शेयर ब्रोकर और ऐसे ही मार्किट से जुड़ी बातों को धीरे-धीरे समझने का प्रयास करें। जैसे-जैसे मार्केट पर आपकी समझ विकसित होती जाएगी आपका विश्वास बढ़ता जायेगा।

ऊपर दिए गए इन सभी बातों को शेयर मार्केट में एंट्री लेते समय और निवेश करते समय हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। ताकि आप जिस लाभ कमाने के उद्देश्य के साथ बाजार में एंट्री कर रहे हैं, उस लाभ को आप शेयर मार्केट से ले पाए ना कि, अपना पैसा शेयर मार्केट में डूबा दे।

हम आशा करते हैं कि, शेयर मार्केट कैसे सीखे इस प्रश्न के संदर्भ में इस जानकारी को पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा और शेयर मार्केट के सन्दर्भ में एक बेहतर बुनियादी समझ को बनाने में सहायक सिद्ध हुआ होगा। इस संदर्भ में आपके और कोई प्रश्न हो तो कृपया Comment Box में लिखें। आपके सवालों का जवाब देने का हम प्रयास करेंगे।

 

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