Intraday trading in Hindi_इंट्राडे ट्रेडिंग

Intraday trading in Hindi | इंट्राडे ट्रेडिंग | इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स

Intraday trading in hindi: इंट्राडे ट्रेडिंग शेयर मार्केट में बहुत ही प्रचलित शब्द है। इसे डे ट्रेडिंग भी कहा जाता है। एक ही दिन में जब शेयरों की खरीदी-बिक्री पूरी कर ली जाती है तो यह इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? | Intraday trading meaning in Hindi

सामान्य शब्दों में, इंट्राडे ट्रेडिंग का मतलब है कि बाजार बंद होने से पहले सभी पोज़िशन्स को स्कवॉयर ऑफ़ (ख़त्म) कर दिया जाता है। इंट्राडे ट्रेडिंग के इन ट्रेडों से शेयरों के स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं होता है, क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर्स की डिलीवरी नहीं होती है।

Intraday Trading में हाई रिटर्न की सम्भावना होती है और ये हर ट्रेडर्स को बहुत लुभावना लगता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में जितना हाई रिटर्न मिलने की सम्भावना है उतना ही अधिक इसमें रिस्क भी होता है।

Intraday Trading में आपको ट्रेडिंग ऑवर में पूरा ध्यान देने की आवश्यकता होती है। आपको पूरे बाज़ार पर और अपने पोज़िशन्स पर ध्यान रखना पड़ता है। बाजार की गतिविधियाँ शेयर्स के उतार-चढ़ावों को प्रभावित करती है।

आपको ट्रेडिंग के लिए सही निर्णय के लिए रोजाना चार्ट पर टेक्निकल एनालिसिस करने की आवश्यता होती है। इंट्राडे ट्रेडिंग में टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए एक अच्छी समझ और पर्याप्त समय देने की आवश्यकता होती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग की रणनीतियाँ | Intraday Trading Strategies

इंट्राडे ट्रेडर्स कई प्रकार के इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीतियों का उपयोग कर बाजार से लाभ लेते है जैसे:

ख़बरों पर आधारित ट्रेडिंग: इंट्राडे ट्रेडर्स बाजार और शेयर्स से ख़बरों के आधार पर अपना पोजीशन बनाते है और लाभ लेने का प्रयास करते है।

टाइमिंग ट्रेड: इंट्राडे ट्रेडर्स शेयर्स के इंट्राडे प्राइस मूवमेंट पर ध्यान देते हैं। शेयर्स के प्राइस में होने वाले शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव से लाभ पाने के लिए इंट्राडे ट्रेडर्स टाइमिंग ट्रेड को किया करते हैं।

चार्ट ट्रेडिंग: ज्यादातर Intraday Trading रणनीतियों में इंट्राडे ट्रेडर्स के द्वारा चार्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। चार्ट्स पर मूवमेंट्स को देखकर शेयर्स और अन्य ट्रेडिंग इंस्ट्रूमेंट्स पर इंट्राडे ट्रेडर्स के द्वारा ट्रेडिंग की जताई है।

रेंज ट्रेडिंग: शेयर्स के कीमतों के सपोर्ट और रेसिस्टेन्स लेवल्स को निर्धारित कर शेयर्स की Buying-Selling पोजीशन बनायी जाती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान दोनों है। एक ओर इंट्राडे ट्रेडिंग से ट्रेडर्स बड़ा मुनाफा कमाते है तो दूसरी ओर इंट्राडे ट्रेडिंग के कुछ लिमिटेशंस भी है। हम इन दोनों पक्षों को समझने का प्रयास करते है।

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

हाई रिटर्न: इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदों में से एक इस पर मिलने वाले हाई रिटर्न्स की संभावनाएं। कम समय में ही Intraday Trading से एक बढ़िया मुनाफा ट्रेडर्स बना लेते है।

उच्च मार्जिन लिमिट: इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको उच्च मार्जिन लिमिट मिलता है। आप 4 से 5 गुणा तक मार्जिन का उपयोग Intraday Trading में कर सकते है। ज्यादा मार्जिन मिलने से ट्रेडर्स बड़े वॉल्यूम के साथ ट्रेड कर मुनाफा बढ़ा सकते है।

ट्रेडिंग का अनुभव: बार-बार ट्रेडिंग करने से बहुत सी जानकारियां सीखने को मिलती है। आपको धीरे-धीरे Intraday Trading की रणनीति समझ आने लगती है।

स्टॉप लॉस आर्डर: Intraday Trading के जोखिमों को स्ट्रीक्ट स्टॉप लॉस आर्डर से कम किया जा सकता है। Intraday Trading में उच्च रिटर्न की सम्भावना के साथ ही जोखिम भी होते है। इन जोखिमों को स्ट्रीक्ट स्टॉप लॉस आर्डर से रोका जा-सकता है।

ओवरनाइट नकारात्मक ख़बरें: इंट्राडे ट्रेडिंग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि, यह ओवरनाइट नकारात्मक ख़बरों से प्रभावित नहीं होता है। जबकि निवेश के मामले में इसका असर पड़ सकता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

कमीशन लागत: इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर्स बार-बार ट्रेड करते है। बार-बार दिए जाने वाले ट्रेडिंग आर्डर देने से कमीशन लागतें बढ़ती है।

ऑफ-लिमिट: इंट्राडे ट्रेडिंग में हर एसेट्स में लिमिट नहीं मिलती है। कुछ एसेट्स ऐसे होते है जो Intraday Trading में ऑफ-लिमिट होते है।

उच्च जोखिम: इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि, इंट्राडे ट्रेडिंग में जोखिम बहुत ज्यादा है।

शार्ट-टर्म पीरियड: इंट्राडे ट्रेडिंग इतना फ़ास्ट होता है कि, आपको हरेक निर्णय बहुत तेजी से लेने पड़ते है। बाजार के मूवमेंट्स के साथ आपको अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी बनानी होती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाएं?

इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे कमाएं जा-सकता है। एक बेहतर ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को अपना कर और प्रॉपर टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल कर Intraday Trading से लाभ कमाया जा-सकता है। मार्केट ओपन होने के बाद लगभग घंटेभर में सभी स्टॉक्स अपना एक लिमिट बनाते है और इस लिमिट को स्टॉक्स के सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल्स के रूप में निर्धारित किया जाता है। इससे स्टॉक प्राइस के रेंज का अनुमान लगता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर्स स्टॉक्स के इन्हीं सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल्स का प्रयोग कर अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी बनाते है। ट्रेडर्स स्टॉक के नीचे होने पर बाइंग पोजीशन बनाते है और ऊपर होने पर उसे सेल कर देते है। ऐसे ही जब स्टॉक की कीमत ऊपर होती है तो ट्रेडर्स सेल की पोजीशन बनाते है और नीचे आने पर उसे बाय कर लेते है।

Intraday trading tips Hindi | टिप्स फॉर इंट्राडे ट्रेडिंग इन हिंदी

एक बेहतर इंट्राडे ट्रेडों के लिए आप इन सिंपल इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स का पालन कर सकते है:

दो-चार अच्छे लिक्विड शेयर को चुनें

खासकर उन शेयर्स को चुने जो अत्यधिक लिक्विड हैं और इसके लिए लार्ज कैप शेयर्स अच्छे माने जाते है, क्योंकि इनमें बड़े वॉल्यूम में ट्रेडिंग होती है। मिड-साइज़ या स्मॉल-कैप में ट्रेडिंग करने से ट्रेडर को इन शेयरों को कम ट्रेडिंग वॉल्यूम की वजह से होल्ड करना पड़ सकता है।

एंट्री और टारगेट प्राइस तय करें

आर्डर प्लेस करने से पहले एंट्री और टारगेट प्राइस को तय कर लें, क्योंकि खरीदने से पहले और बाद में बहुत से उलझन दिमाग में आने लगते है और आप बार-बार अपने निर्णय बदलने लगते है।

ट्रेडिंग में स्टॉप लॉस का उपयोग करें

यह एक ट्रिगर है। यदि मूल्य एक निर्धारित सीमा से नीचे आता है तो यह स्टॉप लॉस ट्रिगर शेयरों को स्वचालित रूप से बेच देगा। यह ट्रेडिंग पोजीशन के विपरीत होने वाले नुकसान को रोक देता है।

लक्ष्य प्राप्त होने पर अपना प्रॉफिट बुक करें

इंट्राडे ट्रेडों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। ट्रेडर्स हमेशा बाजार में भय और लालच से प्रभावित होते है। इसी भय और लालच के कारण वे लक्ष्य प्राप्त होने पर भी अपना न तो घाटे में कमी कर पाते है और न ही अपना प्रॉफिट बुक कर पाते है।

बाजार को चुनौती न दें

तमाम तरह के इंडिकेटर्स या टेक्निकल इंस्ट्रूमेंट्स बाजार के चाल की भविष्यवाणी नहीं कर सकते है। ये इंडिकेटर्स या टेक्निकल इंस्ट्रूमेंट्स बाजार के चाल के केवल संकेत या अनुमान देते है। इसे आप गारंटी के रूप में नहीं मान सकते है। यदि बाजार आपके पोजीशन के अनुरूप नहीं चलता है तो इससे बाहर निकलना ही अच्छा है, नहीं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

हम आशा करते है कि, ऊपर दी जानकारियों ने आपके सभी सवालों-शंकाओं को दूर किया होगा। इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?, इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स, इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान, इंट्राडे ट्रेडिंग की रणनीतियाँ; जैसे इन प्रश्नों से इंट्राडे ट्रेडिंग से जुड़ी बुनियादी जानकारियाँ आपको मिली होगी। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो, कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करें। इस विषय पर और कोई आपके प्रश्न है, तो आप नीचे Comment Section में लिखें। हम आपके सवालों का जवाब देने प्रयास करेंगे।

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