History of mutual funds म्यूचुअल फंड का इतिहास

History of mutual funds म्यूचुअल फंड का इतिहास

History of mutual funds म्यूचुअल फंड का इतिहास: म्यूचुअल फंड की शुरुआत यूरोप से मानी जाती है। 1772-1773 के वित्तीय संकट के बाद, एक डच व्यापारी ने निवेशकों को एक निवेश ट्रस्ट बनाने के लिए आमंत्रित किया। ट्रस्ट का लक्ष्य निवेश में शामिल जोखिमों को कम करना और छोटे निवेशकों को संरक्षण देना था। इसके बाद विभिन्न यूरोपीय देशों द्वारा इस प्रकार का निवेश किया गया।

History of mutual funds in India:

भारत में म्यूचुअल फंड की शुरुआत वर्ष 1963 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (यूटीआई) के गठन के साथ शुरू हुआ था। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायता से भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था।

यूनिट स्कीम-1964 के नाम से भारत में पहली बार म्यूचुअल फंड स्कीम 1964 में यूटीआई द्वारा शुरू की गई थी। भारत में म्यूचुअल फंड के इतिहास को निम्न स्टेजों में वर्गीकृत किया जा-सकता है:

  • पहला स्टेज -1964 से 1987
  • दूसरा स्टेज – 1987 से 1993
  • तीसरा स्टेज -1993 से 2003
  • चौथा स्टेज – 2003 से वर्तमान तक

पहला स्टेज -1964 से 1987

वर्ष 1963 के संसद के अधिनियम से यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) का गठन किया। इसके एक्ट के अधीन भारत के पहले म्यूचुअल फंड स्कीम “यूनिट स्कीम-1964” के नाम से 1964 में लाया गया।

इसके बाद यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) ने म्युचुअल फंड में निवेश के लिए कई योजनाओं की पेशकश की।

वर्ष 1971 में शुरू की गई यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान(ULIP) एक ऐसी योजना का उदहारण थी।

दूसरा स्टेज – 1987 से 1993

वर्ष 1987 के बाद भारत में UTI के अलावा भारत सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को भी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम लाने की अनुमति दे दी। इस प्रकार अलग-अलग बैंक और  अन्य संस्थाओ ने भी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम लाया। जैसे :-

  • SBI Mutual Fund
  • Can bank Mutual Fund
  • General Insurance Corporation of India (GIC)
  • Insurance Corporation of India (LIC)
  • Indian Bank Mutual Fund

तीसरा स्टेज -1993 से 2003

1993 में SEBI (सेबी) की स्थापना के बाद भारत में म्यूच्यूअल फण्ड के क्षेत्र में विस्तार हुआ।

एक ओर जहाँ SEBI (सेबी) की स्थापना हुई वहीं दूसरी ओर म्यूच्यूअल फण्ड को निजी क्षेत्रों के लिए भी खोल दिया गया। अब निजी क्षेत्र भी म्यूच्यूअल फण्ड प्रोडक्ट ला सकते थे।

वर्ष 1993 में म्यूच्यूअल फण्ड क्षेत्र के विकास और नियमन के लिए Mutual Fund Regulation Act,1993 लाया गया।

वर्ष 1996 में इस एक्ट का संसोधन करते हुए एक नया एक्ट Mutual Fund Regulation Act,1996 लाया गया।

चौथा स्टेज – 2003 से वर्तमान तक

वर्ष 2003 में यूटीआई को दो वर्गों में बाँट दिया गया। एक वह जो भारत सरकार के अधीन उसके नियमों के अंतर्गत कार्य करता है और दूसरा जो स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के द्वारा संचालित किया जा रहा था।

आज वर्तमान में भारत में Mutual Fund एक बहुत बड़ा वित्तीय क्षेत्र है। शेयर मार्किट में निवेश का एक बड़ा हिस्सा Mutual Fund से आता है। धीरे-धीरे Mutual Fund की जानकारी लोगों तक पहुंचने के साथ ही इस इंडस्ट्री का बहुत विकास हुआ है।

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